बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे कोई सोना की जो होती (Bans Ki Bansuria Pe Ghano Itraave Koi Sona Ki Jo Hoti Lyrics)

radhekrishna
बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे कोई सोना की जो होती | Bans Ki Bansuria Pe Ghano Itraave Koi Sona Ki Jo Hoti Lyrics

बांस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे
कोई सोना की जो होती
हीरा मोट्या की जो होती
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

जेल में जनम लेके घणो इतरावे
कोई मेहला में जो होतो
कोई अंगना में जो होतो
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

देवकी रे जनम लेके घणो इतरावे
कोई यशोदा के होतो
माँ यशोदा के जो होतो
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

गाय को ग्वालो होके घणो इतरावे
कोई गुरुकुल में जो होतो
कोई विद्यालय जो होतो
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

गूजरियाँ की छोरियां पे घणो इतरावे
बामन बाणिया को होती जो
बामन बाणिया को होती जो
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

सांवली सुरतिया पे घणो इतरावे
कोई गोरो सो जो होतो
कोई सोनो सो जो होतो
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

माखन मिश्री पे कान्हा घणो इतरावे
छप्पन भोग जो होतो
मावा मिश्री जो होतो
जाने काई करतो, काई करतो
बांस की बाँसुरिया ……..

Singer: Nisha Dutt Sharma

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