श्याम सलोने बांके बिहारी महिमा इनकी सबसे न्यारी | Shyam Salone Banke Bihari Mahima Inki Sabse Nyari Lyrics
श्याम सलोने बांके बिहारी ,
महिमा इनकी सबसे न्यारी ।
सर पे इनके मोर मुकुट हैं ,
हाथो में हैं मुरली प्यारी ।।
मुरली पे जब तान ये छेड़े ,
भक्त सभी आते हैं दौड़े ।
कुंज गलिन में बैठे बिहारी ,
दर्शन देते बारी बारी ।।
दर्शन इनके सबसे निराले ,
बार बार पर्दा ये डाले ।
परदे में छुप छुप के देखो ,
करते हैं ये खेल निराले ।।
खेल खेल में पूतना मारी ,
खेल खेल में कुब्जा तारी ।
खेल खेल में कंश को मारा ,
खेल खेल में सबको तारा ।।
तारण हारे , पालन हारे ,
हारे हुए के ये हैं सहारे ।
जो भी इनको दिल से पुकारे,
उसके बन जाते हैं सहारे ।।
प्रेम भाव से ये हैं रीझते ,
भक्ति भाव से ये हैं मिलते ।
मीरा जैसा प्रेम करो तो ,
विष को भी अमृत कर देते ।।
ब्रज की इनको मिट्टी प्यारी ,
माखन के रसिया ये बिहारी ।
माखन मिश्री भोग लगाओ ,
प्रेम भाव से इन्हे खिलाओ ।।
हाथ जोड़कर कर लो विनती ,
मांग लो इनसे सच्ची भक्ति ।
इनकी भक्ति मिल जाये तो ,
भवसागर से मिलेगी मुक्ति ।।
Bhajan Lyrics – Jay Prakash Verma, Indore






