ज्ञान दो माँ सरस्वती बुद्धि दो माँ सरस्वती | Gyaan Do Maa Saraswati Buddhi Do Maa Saraswati Lyrics
ज्ञान दो माँ सरस्वती
बुद्धि दो माँ सरस्वती
ज्ञान का प्रतिरूप बन के
करिए मेरे मन में वास
मैया इस विद्यार्थी की
मैया इस विद्यार्थी की
करिए पूरी बस ये आस
ज्ञान का प्रतिरूप बन के
करिए मेरे मन में वास
ज्ञान दो माँ सरस्वती
बुद्धि दो माँ सरस्वती
सूर्य सा चमकूं गगन में
पुष्प सा महकूं चमन में
मेघ बन कर नभ से सब पर
प्रेम बसाया करूं
धूप हो तो वृक्ष बन कर
पथिक को छाया करूं
ना डिगूं मैं सत्य पथ से
ना डिगूं मैं सत्य पथ से
विनती है ये तुझसे ख़ास
ज्ञान का प्रतिरूप बन के
करिए मेरे मन में वास
ज्ञान दो माँ सरस्वती
बुद्धि दो माँ सरस्वती
मैं बनूं भागी सृजन में
भावना हो ऐसी मन में
व्यर्थ ना हो जन्म ऐसा
कोई तो आधार दो
अपने शुभ कर्मों से मैं कुछ
दे सकूं संसार को
छल प्रपंच से दोष कोई
छल प्रपंच से दोष कोई
भटके ना मेरे आस पास
ज्ञान का प्रतिरूप बन के
करिए मेरे मन में वास
ज्ञान दो माँ सरस्वती
बुद्धि दो माँ सरस्वती
हो सदा सद्भाव मन में
शुद्धता हो आचरण में
मैं सदा ही आप के
निर्देश का पालन करूं
आप के चरणों में अपनी
साधना अर्पण करूं
माँ सरस्वती के चरण में
माँ सरस्वती के चरण में
नमन नित नित करता दास
ज्ञान का प्रतिरूप बन के
करिए मेरे मन में वास
मैया इस विद्यार्थी की
मैया इस विद्यार्थी की
करिए पूरी बस ये आस
ज्ञान का प्रतिरूप बन के
करिए मेरे मन में वास
ज्ञान दो माँ सरस्वती
बुद्धि दो माँ सरस्वती






