शिव शंकर चले रे कैलाश की बुंदिया पड़ने लगी (Shiv Shankar Chale Re Kailash Ki Bundiya Padne Lagi Lyrics)

shivparvati
शिव शंकर चले रे कैलाश की बुंदिया पड़ने लगी | Shiv Shankar Chale Re Kailash Ki Bundiya Padne Lagi Lyrics

शिव शंकर चले रे कैलाश
की बुंदिया पड़ने लगी
भोले बाबा चले रे कैलाश
की बुंदिया पड़ने लगी

गौरा जी ने बोए दई हरी हरी मेहन्दी
भोले बाबा ने बोए दई भांग
की बुंदिया पड़ने लगी
शिव शंकर चले रे कैलाश…

गौरा जी ने सिच दई हरी हरी मेहन्दी
भोले बाबा ने सिच दई भांग
की बुंदिया पड़ने लगी
शिव शंकर चले रे कैलाश…

गौरा जी ने काट लई हरी हरी मेहन्दी
भोले बाबा ने काट लई भांग
की बुंदिया पड़ने लगी
शिव शंकर चले रे कैलाश…

गौरा जी ने पीस लई हरी हरी मेहन्दी
भोले बाबा ने घोट लई भांग
की बुंदिया पड़ने लगी
शिव शंकर चले रे कैलाश…

गौरा जी की रच गई हरी हरी मेहन्दी
भोले बाबा को चढ़ गई भांग
की बुंदिया पड़ने लगी
शिव शंकर चले रे कैलाश…

शिव शंकर चले रे कैलाश
की बुंदिया पड़ने लगी
भोले बाबा चले रे कैलाश
की बुंदिया पड़ने लगी
शिव शंकर चले रे कैलाश…

Singer: Tripti Shaqya

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