केवट सुनावे राजा राम की कहानी | Kevat Sunave Raja Ram Ki Kahani Lyrics
नैया पर बैठे हैं राजा और रानी
नैया पर बैठे हैं राजा और रानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी ।
नैया पर बैठे हैं राजा और रानी
नैया पर बैठे हैं राजा और रानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी ।
घर से वनवास लेके वन को है जानी
घर से वनवास लेके वन को है जानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी ।
घर से वनवास लेके वन को है जानी
घर से वनवास लेके वन को है जानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी ।
चौदह बरस है उनको वन में बितानी
चौदह बरस है उनको वन में बितानी
सुनके ही अंखियन से बरसत है पानी
सुनके ही अंखियन से बरसत है पानी ।
चौदह बरस है उनको वन में बितानी
चौदह बरस है उनको वन में बितानी
सुनके ही अंखियन से बरसत है पानी
सुनके ही अंखियन से बरसत है पानी ।
मैया हैं राम जी के बैठीं सिरहानी
मैया हैं राम जी के बैठीं सिरहानी
गंगा नदी है उनको पार करानी
गंगा नदी है उनको पार करानी ।
मैया हैं राम जी के बैठीं सिरहानी
मैया हैं राम जी के बैठीं सिरहानी
गंगा नदी है उनको पार करानी
गंगा नदी है उनको पार करानी ।
हमरी नैया पर बैठे राजा और रानी
गंगा नदी है उनको पार करानी
चौदह बरस है उनको वन में बितानी
सुन सुन के अंखियन से बरसात हैं पानी ।
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी
केवट सुनावे राजा राम की कहानी ।
Lyrics / Music / Composition / Arrangements: Pradyumn Pandey






