कलयुग में आ रे कान्हा कलयुग में आ (Kalyug Mein Aa Re Kanha Kalyug Mein Aa Lyrics)

krishna
कलयुग में आ रे कान्हा कलयुग में आ | Kalyug Mein Aa Re Kanha Kalyug Mein Aa Lyrics

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

हर कोई यहा बस , माया में लगा है ,
माया का पर्दा , यहा सबपे पड़ा है ,
तू आ के माया का , पर्दा हटा ,

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

हर कोई चाहे बस , बंगला और गाड़ी ,
भक्ति नहीं यहा , किसी को भी प्यारी ,
तू आ के दिलो में , भक्ति जगा ,

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

झूठे है रिश्ते यहा , झूठे है नाते ,
कड़वे है बोल और कड़वी है बाते ,
तू आ के रिश्तो में , प्रेम बड़ा ,

कलयुग में आ रे कान्हा , कलयुग में आ ,
कलयुग में आ के जरा , भक्ति बड़ा ,

Bhajan Lyrics – Jay Prakash Verma, Indore
( भजनों का सफर )

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12 + 15 =

Scroll to Top