सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही है
तुम्हारे दर्शन को मुरली वाले
हमारी आंखें तरस रही है
सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही है…..
झुकी है पलके भरे हैं आंसू
कभी तो होगा मिलन ये सोचू
उठाओ पर्दा ऐ मुरली वाले
हमारी सांसे ठहर रही है
सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही है…..
कहूंगा मैं तुमसे अपने दिल की
तुम्हारी बातें तुम ही से होगी
तुम्हारे भक्तों की भीड़ मोहन
वृंदावन में पहुंच रही है
सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही हैं…..
ये धन ,ये दौलत, ये बंगला, गाड़ी
और एक तरफ है तेरी सेवादारी
जिसके हो मांझी तुम मुरली वाले
उसको भंवर की चिंता नहीं है
सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही है…..
सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही है
तुम्हारे दर्शन को मुरली वाले
हमारी आंखें तरस रही है
सुना है तेरे दर पे आके मोहन
किस्मत सबकी संवर रही है…..
Singer: Pushpendra Chauhan