अलख निरंजन आदेश महाकाली शमशान वासिनी (Alakh Niranjan Aadesh Mahakali Shamshan Vasini Lyrics)

अलख निरंजन आदेश महाकाली शमशान वासिनी | Alakh Niranjan Aadesh Mahakali Shamshan Vasini Lyrics

शमशान वासिनी, काल की स्वामिनी
रक्त वर्णी, अघोर रूप धारिणी
गल मुंडमाल, खप्पर है हाथ
काली चले भैरव के साथ

भव भय हारिणी, शक्ति अपार
कर दे पल में दुष्ट संहार
जय माँ काली! आदेश! आदेश!
एक ही संदेश! आदेश!

आदेश! चौसठ योगिनी, बावन वीर
जहाँ भेजूँ, वहाँ छोड़ूँ तीर
आदेश! आदेश!
आगे-आगे काली विराजे
जय माँ काली! जय माँ काली!
काल का लेखा (Hey!)
पल में मोड़े (Hey!)
दुष्टों का (Hey!)
घमंड तोड़े
ॐ क्रीं क्रीं फट! आदेश तत्!

आदेश! जय माँ काली! आदेश! आदेश!
जड से चेतन, तोड़े हर बंधन
जय माँ काली! आदेश! आदेश!
शब्द सांचा, पिंड काचा
चलो मन्त्र ईश्वरो वाचा

हाथ त्रिशूल (Hey!) और खप्पर भारी
रण में नाचे (Hey!) महाकाली अवतारी
जहाँ-जहाँ जाऊँ नगर डगर
लगे वहां फिर शक्ति का मेला
माँ की हुंकार (Hey!) काल भी कांपे
भस्म हो जाए सब पाप जो तापे
जय काली! जय काली! जय काली!
कामरूप कामाख्या की आन
दसों दिशा में माँ तेरा मान
भय का नाश, करे भद्रकाली
रण में अजेय, मेरी महाकाली
रोग-शोक सब पल में काटे
रिद्धि-सिद्धि भक्तों को बांटे

मैं न देह, मैं न नाम
जपूँ निरंतर काली नाम
शब्द सांचा, पिंड काचा
ईश्वरो वाचा, सत्य राचा
जो कहा, सो हुआ, माँ की वाणी ब्रह्म सत्य
ॐ क्रीं क्रीं फट!
काल कर्म क्लेश भस्म, स्वाहा!

आदेश! आदेश! आदेश! आदेश!

Music Production, Vocal Mixing & Mastering: T-Records
Music Label: T-Records

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