नील गगन के अधिपति हो तुम | Neel Gagan Ke Adhipati Ho Tum Lyrics
नील गगन के अधिपति हो तुम कर्मों के रखवाले हो
बीज यहाँ जो बोए जैसा वैसा फल देने वाले हो
दृष्टि तुम्हारी कठोर सही पर भीतर करुणा की धार है
टूटे हुए हर जीवन को तुम ने ही दिया आकार है
नील गगन के अधिपति हो तुम कर्मों के रखवाले हो
बीज यहाँ जो बोए जैसा वैसा फल देने वाले हो
शनिवार की पावन बेला तेल का दीप जलाऊँ मैं
नील वर्ण चरणों में तेरे अपना शीश झुकाऊँ मैं
जो भूल हुई अनजाने में उसे क्षमा प्रभु तुम कर देना
भटके हुए इस मन को मेरे तुम धर्म के पथ पर रख देना
नील गगन के अधिपति हो तुम कर्मों के रखवाले हो
बीज यहाँ जो बोए जैसा वैसा फल देने वाले हो
धैर्य का पाठ पढ़ाते हो तुम सत्य की राह दिखाते हो
अहंकार को करके नष्ट मानव को शुद्ध बनाते हो
दुःख के बादल छट जाते हैं जब तुम किरपा बरसाते हो
जो तेरी शरण में आता है तुम सब पर दया दिखाते हो
नील गगन के अधिपति हो तुम कर्मों के रखवाले हो
बीज यहाँ जो बोए जैसा वैसा फल देने वाले हो
तुम सच को सम्मान दिलाते झूठ के सर को झुकाते हो
आप की दृष्टि पड़ जाए जिस पर भाग्य नया लिख जाते हो
इस सृष्टि के तुम नायक हो और न्याय के तुम हो स्वामी
हर घर में पूजे जाते हो घट घट में हो अन्तर्यामी
नील गगन के अधिपति हो तुम कर्मों के रखवाले हो
बीज यहाँ जो बोए जैसा वैसा फल देने वाले हो
Singer – Avik Halder
Lyrics – Dharmendra Ehsaas
Music – Manojj Negi
Studio – Trio Digital Recording Studio
Label – Aadi Shakti Entertainment






